Thursday, July 25

किशोरों का बढ़ता ‘कूल’ बनने का नशा: क्या माता-पिता कर रहे हैं भूल?

तम्बाकू एक ऐसा पौधा है जिसकी सूखी हुई पत्तियों को पीसा या विभिन्न रूपों में तैयार किया जाता है, जिसका सेवन किया जाता है। इसे “मीठा जहर” भी कहा जाता है क्योंकि इसमें निकोटीन नामक पदार्थ होता है जो एक addiction लगाने वाला पदार्थ है।

आमतौर पर तम्बाकू का सेवन सिगरेट के रूप में किया जाता है, लेकिन भारत में इसे बीड़ी, हुक्का, गुटखा, खैनी आदि कई रूपों में खाया जाता है. तम्बाकू के सेवन से स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

भारत में तंबाकू का सेवन करने की कानूनी उम्र 21 वर्ष है।

यह सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) 2003 के तहत निर्धारित किया गया है। इस कानून के अनुसार, 21 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को तंबाकू उत्पादों का विक्रय या वितरण नहीं किया जा सकता है।

यह कानून तंबाकू के उपयोग को कम करने और युवाओं को इसके हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए बनाया गया था।

COTPA के तहत कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान:

  • सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है।
  • तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध है।
  • तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर स्वास्थ्य चेतावनी छापना अनिवार्य है।

तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है।

यह कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, फेफड़ों की बीमारियों और अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

यदि आप तंबाकू का सेवन करते हैं, तो इसे छोड़ना सबसे अच्छा है।

तंबाकू छोड़ने के लिए कई तरह की सहायता उपलब्ध है, जैसे कि परामर्श, दवाएं और सहायता समूह।

तंबाकू मुक्त जीवन जीने का चुनाव करें।

किशोरावस्था में नशे की addiction

  • किशोरावस्था एक संवेदनशील उम्र होती है, जिसमें लोग आसानी से प्रभावित हो सकते हैं और आदतें डाल सकते हैं। दुर्भाग्य से, यह वह समय भी है जब कई किशोर नशे की addiction की चपेट में आ जाते हैं।

नशे के कुछ सामान्य प्रकार जिनका किशोर सेवन करते हैं:

  • तंबाकू उत्पाद: सिगरेट, बीड़ी, गुटका, खैनी आदि।
  • शराब: बीयर, वाइन, हार्ड शराब आदि।
  • ड्रग्स: भांग, गांजा, हेरोइन, कोकीन आदि।

किशोरों में नशे की addiction के कुछ कारण:

  • सहकर्मी दबाव: दोस्तों के साथ फिट होने का दबाव किशोरों को नशा करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
  • तनाव: किशोरावस्था में तनाव आम है, और कुछ किशोर नशे को तनाव से राहत पाने के तरीके के रूप में देखते हैं।
  • पारिवारिक समस्याएं: टूटे हुए घर या परिवार में समस्या होने पर किशोर नशे का सहारा ले सकते हैं।
  • अवसाद या चिंता: मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं नशे की addiction का कारण बन सकती हैं।
  • जिज्ञासा और प्रयोग: किशोर स्वाभाविक रूप से जिज्ञासु होते हैं और वे नशे को आजमाने के लिए ललचा सकते हैं।

नशे की addiction के किशोरों पर हानिकारक प्रभाव:

  • शारीरिक स्वास्थ्य: नशा मस्तिष्क, फेफड़े, हृदय और शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • मानसिक स्वास्थ्य: नशा अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को खराब कर सकता है।
  • शैक्षणिक प्रदर्शन: नशे की addiction स्कूल में किशोरों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
  • रिश्ते: नशा दोस्तों, परिवार और रिश्तों को खराब कर सकता है।
  • कानूनी परेशानी: नशीले पदार्थों का सेवन या खरीद कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपके किशोर को नशे की समस्या है, तो इनमें से कुछ कदम उठाएं:

  • अपने किशोर से बात करें: शांत और गैर-निर्णात्मक तरीके से उनसे बात करें।
  • पेशेवर मदद लें: यदि आपको लगता है कि आपके किशोर को मदद की ज़रूरत है, तो डॉक्टर या परामर्शदाता से संपर्क करें।
  • सहायता समूह खोजें: ऐसे समूह हैं जो किशोरों और उनके परिवारों को नशे की addiction से उबरने में मदद करते हैं।

नशे की रोकथाम सबसे अच्छा तरीका है। अपने किशोर से नशे के खतरों के बारे में बात करें और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें।

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