Sunday, May 19

Ramnavmi और हनुमान पताका: एक अनसुलझा रहस्य

Ramnavmi के दिन क्यों फहराई जाती है हनुमान पताका? जानिए इसके पीछे का रहस्य

Ramnavmi हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्मदिन मनाया जाता है। इस दिन देशभर में रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिरों में भगवान राम की झांकी सजाई जाती है और भक्तगण रामलीला का आयोजन करते हैं। रामनवमी के दिन भगवान राम के साथ ही उनके भक्त हनुमान जी की भी पूजा की जाती है। इस दिन मंदिरों और घरों पर हनुमान पताका भी फहराई जाती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि रामनवमी के दिन हनुमान पताका क्यों फहराई जाती है?

इसके पीछे कई धार्मिक और पौराणिक रहस्य हैं।

पहला रहस्य:

रामायण के अनुसार, जब भगवान राम वनवास में थे, तब रावण ने उनकी पत्नी सीता का अपहरण कर लिया था। राम ने रावण से युद्ध करने का निर्णय लिया। युद्ध से पहले, राम ने हनुमान जी को लंका भेजकर सीता का पता लगाने का आदेश दिया था। हनुमान जी ने लंका जाकर सीता का पता लगा लिया और रावण को राम का संदेश दिया। हनुमान जी ने रावण को यह भी चेतावनी दी कि यदि उसने सीता को मुक्त नहीं किया तो राम उसका नाश कर देंगे।

हनुमान जी लंका से वापस आकर राम को सीता का पता बताते हैं। राम, लक्ष्मण और वानर सेना के साथ लंका पर चढ़ाई करते हैं। रावण और राम के बीच भयंकर युद्ध होता है। इस युद्ध में हनुमान जी ने राम की सेना की बहुत मदद की। हनुमान जी ने अपनी वीरता और शक्ति का प्रदर्शन करते हुए रावण की सेना को भारी नुकसान पहुंचाया।

अंततः, राम ने रावण का वध कर दिया और सीता को मुक्त करा लिया। इस विजय के बाद, राम ने हनुमान जी को वरदान दिया कि रामनवमी के दिन उनकी पूजा के साथ-साथ उनकी पताका भी फहराई जाएगी।

दूसरा रहस्य:

रामायण के अनुसार, हनुमान जी भगवान राम के सबसे प्रिय भक्तों में से एक हैं। हनुमान जी ने राम की हर परीक्षा में उनका साथ दिया। रामनवमी के दिन हनुमान पताका फहराकर हम हनुमान जी के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करते हैं।

तीसरा रहस्य:

  • हनुमान जी को बुद्धि, शक्ति और पराक्रम का देवता माना जाता है।
  • रामनवमी के दिन हनुमान पताका फहराकर हम
  • अपने जीवन में इन गुणों को प्राप्त करने की कामना करते हैं।

निष्कर्ष Ramnavmi:

  • रामनवमी के दिन हनुमान पताका फहराने के पीछे कई धार्मिक और पौराणिक रहस्य हैं।
  • यह भगवान राम के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।
  • साथ ही, यह हनुमान जी के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति का भी प्रतीक है।
  • हनुमान जी के वीरता, शक्ति और पराक्रम से प्रेरित होकर
  • हम अपने जीवन में भी इन गुणों को प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

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