Monday, May 27

क्या क्रिकेट जगत में भी है काला धन? हार्दिक पांड्या के भाई की गिरफ्तारी ने खड़े किए सवाल!

Hardik Pandya के सौतेले भाई पर धोखाधड़ी का आरोप, गिरफ्तार

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर Hardik Pandya और उनके भाई क्रुणाल पांड्या के सौतेले भाई वैभव पांड्या को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार किया है. वैभव पर आरोप है कि उन्होंने पांड्या बंधुओं के साथ व्यापार में 4 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की.

आरोप पत्र के अनुसार क्या हुआ? Hardik Pandya

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साल 2021 में तीनों भाइयों ने मिलकर मुंबई में एक पॉलिमर (polymer) व्यापार करने वाली साझेदारी वाली फर्म की स्थापना की थी. इस फर्म में हार्दिक और क्रुणाल पांड्या दोनों ने 40-40 प्रतिशत की हिस्सेदारी ली थी, जबकि वैभव पांड्या की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत थी. पार्टनरशिप के नियमों के अनुसार, वैभव को दैनिक कार्यों को संभालना था और मुनाफे को तीनों भाइयों के बीच उसी अनुपात में बांटा जाना था.

लेकिन आरोप है कि वैभव ने साझेदारी समझौते का उल्लंघन किया. उन्होंने कथित रूप से क्रिकेटर भाइयों को सूचित किए बिना उसी व्यापार से जुड़ी एक नई फर्म खोली और अपना खुद का अलग कारोबार शुरू कर दिया. इस नई कंपनी के कारण मूल साझेदारी वाली फर्म का मुनाफा कम हो गया, जिससे पांड्या बंधुओं को लगभग 3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

यही नहीं, वैभव पर अपने लाभ को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 33 प्रतिशत करने का भी आरोप है, जिससे हार्दिक और क्रुणाल पांड्या को और घाटा हुआ. साथ ही, यह आरोप भी लगाया गया है कि वैभव ने साझेदारी खाते से लगभग 1 करोड़ रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर दिए.

जब मामला सामने आया तो क्या हुआ?

  • जब Hardik और क्रुणाल पांड्या को धोखाधड़ी का पता चला, तो उन्होंने कथित तौर पर वैभव का सामना किया.
  • लेकिन आरोप है कि वैभव ने उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की धमकी देकर उन्हें डराने की कोशिश की.
  • इसके बाद पांड्या बंधुओं ने मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई,
  • जिसके बाद वैभव को गिरफ्तार कर लिया गया.

इस घटना का क्या प्रभाव पड़ेगा?

  • हार्दिक पांड्या के सौतेले भाई की गिरफ्तारी क्रिकेट जगत और व्यापार जगत दोनों में सुर्खियों में है.
  • इससे खिलाड़ियों और उनके परिवार के सदस्यों के बीच व्यावसायिक लेन-देन में पारदर्शिता
  • भरोसे के महत्व पर फिर से जोर दिया गया है.
  • यह घटना इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे साझेदारी के समझौतों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए
  • उनका सख्ती से पालन किया जाना चाहिए.
  • यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वैभव अभी तक आरोपी हैं
  • उन्हें अभी तक दोषी नहीं ठहराया गया है.
  • हमें कानून को अपना काम करने देना चाहिए
  • अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए.

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