Sunday, May 19

MDH और Everest पर विदेश में बैन, भारत में भी खतरा।

लोकप्रिय मसाला ब्रांड्स MDH और Everest पर लगा Ban: भारत ने सिंगापुर और हांगकांग से मांगी जानकारी

MDH ban भारत, दुनिया का सबसे बड़ा मसाला उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक, को हाल ही में एक झटका लगा है। सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों ने लोकप्रिय भारतीय मसाला ब्रांड्स MDH और एवरेस्ट के कुछ उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन देशों के खाद्य सुरक्षा नियामकों ने गुणवत्ता संबंधी चिंताओं को वजह बताया है।

सरकार का जवाब

भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। वाणिज्य मंत्रालय ने सिंगापुर और हांगकांग में भारतीय दूतावासों को इन प्रतिबंधों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। साथ ही, मंत्रालय ने दोनों कंपनियों, MDH और एवरेस्ट से भी स्पष्टीकरण मांगा है।

किया जा रहा है जांच? MDH ban

खबरों के अनुसार, प्रतिबंध की वजह बताए गए कीटनाशक “इथिलीन ऑक्साइड” की मात्रा उत्पादों में निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है। इथिलीन ऑक्साइड एक हानिकारक रसायन है जिसे मानव उपभोग के लिए अनुमति नहीं दी गई है। इसकी लंबे समय तक खाने से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।

इस खबर के बाद, भारत के खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भी हरकत में आ गया है। FSSAI ने MDH और एवरेस्ट ग्रुप के उत्पादों की गुणवत्ता जांच के आदेश दिए हैं। जांच में इन उत्पादों में इथिलीन ऑक्साइड की मौजूदगी का पता लगाया जाएगा।

क्या हैं अगले कदम?

  • सरकार का लक्ष्य इस मामले की जड़ तक पहुँचना और भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकना है।
  • वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि सिंगापुर और हांगकांग के खाद्य नियामकों से तकनीकी विवरण,
  • विश्लेषण रिपोर्ट और खारिज किए गए निर्यातकों का विवरण मांगा गया है।
  • साथ ही, दोनों कंपनियों से भी जवाब मांगे गए हैं।
  • इस जांच में मिली जानकारी के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंध का असली कारण क्या है
  • और भविष्य में ऐसी गलतियों को कैसे रोका जा सकता है।
  • सम्बंधित निर्यातकों के साथ मिलकर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

उपभोक्ताओं के लिए MDH ban क्या मतलब है?

  • यह खबर सुनकर भारतीय उपभोक्ता चिंतित हो सकते हैं।
  • हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत में बेचे जा रहे MDH और एवरेस्ट के उत्पादों में भी यही समस्या है।
  • FSSAI की जांच पूरी होने के बाद ही इस बारे में कोई ठोस जानकारी मिल पाएगी।
  • फिलहाल, भारतीय उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है
  • कि वे हमेशा पैकेजिंग की जांच करें
  • और एक्सपायरी डेट से पहले ही उत्पादों का इस्तेमाल करें।
  • किसी भी तरह की शंका होने पर उत्पाद का इस्तेमाल न करें और FSSAI से शिकायत करें।
  • यह उम्मीद की जाती है कि सरकार की त्वरित कार्रवाई से इस मामले का जल्द ही समाधान निकल आएगा
  • और भारतीय मसालों की ब्रांड इमेज को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।

read more SAMACHAR PATRIKA

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