ब्रह्मपुर के जोगिया गांव में जल समाधि लेने की चेतावनी पर हलकान रहा प्रशासन – समाचार पत्रिका

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ब्रह्मपुर के जोगिया गांव में जल समाधि लेने की चेतावनी पर हलकान रहा प्रशासन

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रिपोर्ट: आर०ए० पांडेय

समाचार पत्रिका, गोरखपुर

एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया और मामले को शांत कराया

• मौके पर एसडीआरएफ और पुलिस बल तैनात

चौरीचौरा। चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के ब्रह्मपुर ब्लॉक के जोगिया गांव में मूलभूत सुविधा नहीं होने से नाराज जोगिया निवासी व भारतीय अवाम पार्टी के जिलाध्यक्ष रविन्द्र चतुर्वेदी की जल समाधि लेने की चेतावनी ने प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच दिया। आनन फानन में मौके पर एसडीआरएफ और पुलिस बल को भेजा गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। खुद एसडीएम अनुपम मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और सभी समस्याओं के निराकरण का आश्वासन देकर पूरे मामले को शांत कराया। मामले को गम्भीरता से लेते हुए एसडीएम ने जोगिया में एसडीआरएफ और पुलिस बल को तैनात किया है और मामले से जिला प्रशासन को भी अवगत करा दिया है। ब्रम्हपुर ब्लाक के जोगिया गांव निवासी रविन्द्र चतुर्वेदी ने कुछ दिनों पूर्व प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि उनका गांव मूलभूत सुविधाओं से मरहूम है। उनके गांव में आने जाने के लिए सड़क नहीं है। गोर्रा नदी के तट पर बसे गांव के विलीन होने का खतरा बना हुआ है। गांव में न बिजली है और न ही शिक्षा के लिए कोई इंतजाम है। गांव के विकास के लिए कोई उपाय नहीं होने पर आक्रोशित रविन्द्र चतुर्वेदी ने 22 जून को खुद और गांव के 70-75 लोगो के एक साथ जल समाधि लेने की चेतावनी दिया था। इसको लेकर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया था। स्थानीय तहसील प्रशासन से लेकर जिले स्तर के अधिकारी सकते में थे। प्रशासनिक अधिकारी लगातार जोगिया गांव के लोगो से संपर्क कर रहे थे। प्रशासन की तरफ से उन्हें भी चेतावनी दी गई है कि कोई घटना हुई तो उसके जिम्मेदारी आयोजक की होगी। मंगलवार को होने वाले जल समाधि कार्यक्रम को रोकने के लिए एसडीएम अनुपम मिश्रा ने एसडीआरएफ की एक टीम को मौके पर बुला लिया और झंगहा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम खुद जोगिया गांव पहुंचे और इस कर्यक्रम के आयोजक सहित अन्य लोगों से उनकी समस्याओं के बावत जानकारी लिया। एसडीएम ने बताया कि जोगिया में वाकई बहुत सी समस्याएं हैं। बन्धे की हालत काफी जर्जर है। उनकी मांगें जायज हैं। उनकी समस्याओं को सुनकर उनको समझाया गया है। उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि समझाने के बाद गांव के लोग व इस कार्यक्रम के आयोजक मान गए हैं। समस्याओं के निराकरण के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा ताकि ग्रामीणों की समस्याएं दूर हो सकें। सावधानी के लिए एसडीआरएफ इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम सी को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। इसके अलावा झंगहा पुलिस भी मौजूद रहेगी। एसडीएम के समझाने के बाद जल समाधि कार्यक्रम रद्द होने से प्रशासन ने राहत की सांस लिया।

गांव में सुविधा के लिए 2014 में ग्रामीणों ने किया था मताधिकार का बहिष्कार :

इस जोगिया गांव की स्थिति वास्तव में बहुत दयनीय है। गांव में जाने के लिए नदी का बंधा ही एकमात्र रास्ता है और उसके कटने के बाद गांव से न तो कोई बाहर आ सकता है और न ही कोई गांव में आ सकता है। शिक्षा, बिजली और अन्य समस्याओं को लेकर रविन्द्र चतुर्वेदी ने वर्ष 2014 में ग्रामीणों के साथ चुनाव में मताधिकार के प्रयोग का बहिष्कार किया था। उसमे बड़ा बवाल हुआ था। प्रशासनिक अमला परेशान हो गया था। बाद में काफी मान मनौवल के बाद ग्रामीणों में मताधिकार का प्रयोग किया था। एक बार फिर गांव के लोगो ने प्रशासन के सामने एक नई मुसीबत खड़ा कर दिया था। जिसे एसडीएम की सूझ बूझ से शांत किया गया है। पिछली बार के वादे पर प्रशासन ग्रामीणों के सामने खरा नहीं उतर सका था। इस बार एसडीएम अनुपम मिश्रा के द्वारा दिये गए आश्वासन में कुछ दम दिखने पर ग्रामीणों ने अपना इरादा तो बदल दिया लेकिन इस गांव की समस्याएं दूर हो पाएंगी यह आने वाला वक्त बतायेगा।

 

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