कोविड-19 मरीज से रेफर के नाम पर वसूली,और मौत – समाचार पत्रिका

समाचार पत्रिका

Latest Online Breaking News

कोविड-19 मरीज से रेफर के नाम पर वसूली,और मौत

😊 Please Share This News 😊

 

रिपोर्ट : विजय

समाचार पत्रिका, शामली

शामली जनपद में कोरोना से मरने वाले लोगों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है । लेकिन वही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की भी उदासीनता व हठधर्मी भी सामने आ रही है । कोरोना से ग्रस्त लोगों को ऑक्सीजन के नाम पर वसूली का मामला हो या फिर उनके रेफर होने पर मनचाही रकम वसूलने का मामला हो यह अपनी चरम पर है। इन्हीं वजहों के चलते के चलते एक व्यक्ति ने देर रात्रि में दम तोड़ दिया तो वही मात्र 5 किलोमीटर दूर मरीज को छोड़ने के लिए सरकारी एंबुलेंस चालक ने मृतकों के परिजनों से हजारों रुपए वसूले । पीड़ित परिजनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है तो वहीं अब वह कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जनपद में एक के बाद एक स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। जहां पहले सही तरीके से इलाज न करने और फिर मरीजों को ऑक्सीजन देने के नाम पर ₹10000 की वसूली करने का मामला सामने आया था जिसमें मृतकों के परिजनों ने मुकदमा दर्ज करा कर आरोपी को जेल भिजवा दिया था। वही दूसरी तरफ देर रात्रि में एक मरीज 1 दिन पहले कोविड-19 L2 हॉस्पिटल में भर्ती हुआ जिस के परिजनों ने अब आरोप लगाया है कि उनके मरीज को सही से उपचार नहीं दिया गया उपचार के नाम पर ग्लूकोज लगा दिया गया उसके बाद मरीज को  रेफर कर दिया उसके बाद कोविड-19 हॉस्पिटल से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी के लिए सरकारी एंबुलेंस के चालक ने उनसे 1500 ₹ तक वसूले दूसरे हॉस्पिटल में जाते हैं डॉक्टरों ने मरीज को मृतक घोषित कर दिया।

                       हरेंद्र मृतक का रिस्तेदार

वहीं दूसरी तरफ दूसरे मृतक के छोटे भाई दीपक का कहना है कि एक दिन पहले ही हम लोगों ने अपने भाई मनीष को कोविड-19 अल्टो हॉस्पिटल में भर्ती कराया था जहां डॉक्टरों ने लापरवाही करते हुए उसका उपचार सही से नहीं किया उसको गुलकोज लगा दिया जबकि उसको ऑक्सीजन की प्रॉब्लम थी । जब हम लोगों ने उसका देर शाम रेफर कराया तो वही सरकारी एंबुलेंस चालक ने हमारी मजबूरी का फायदा उठाते हुए मात्र 5 किलोमीटर चलने के लिए हमसे 15 सो रुपए लिये। हमारे भाई की मौत के पीछे डॉक्टरों की लापरवाही है।

                        दीपक मृतक का भाई

वही इस पूरे मामले में जब उच्च अधिकारियों से फोन से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने जांच के बाद सही कार्रवाई करने की बात कही है, लेकिन कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बचते नजर आये। गोर करने वाले बात है कि मात्र 8 दिन पहले ही ऑक्सीजन के नाम पर दस हजार रुपये वसूलने के  मामले में एक  आरोपी  स्वास्थ कर्मी जेल जा चुका है ।

 

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

error: Content is protected !!