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गोरखपुर: ईनामी दो बदमाशों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा जेल

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Rep. P.R. TRIPATHI

समाचार पत्रिका, गोरखपुर

एसटीएफ, क्राईम ब्रांच व गगहा पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर एक-एक लाख रुपए के ईनामी शातिर दो बदमाशों को कृष्णानन्द पाण्डेय के ट्यूबवेल के पास स्थित बगीचे से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दोनों बदमाश गगहा के रितेश मौर्य, शम्भू मौर्य और संजय पांडेय हत्याकांड के अभियुक्त हैं। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से नाइन एमएम की एक पिस्टल, 6 मैग्जीन, 32 बोर की दो पिस्टल, 32 बोर की 13 कारतूस, 9एमएम की छह जिंदा कारतूस, एक मोबाइल, दो सिमकार्ड, एक रूपे कार्ड, पैन, निर्वाचन कार्ड, दिल्ली मेट्रो कारपोरेशन का एक यात्री कार्ड व 3000 रुपए नकदी बरामद कर लिया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताओं को पूरी कर न्यायालय में पेश किया, जहां से वे जेल भेज दिए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार दोनों बदमाशों की पहचान सन्नी सिंह उर्फ मृगेन्द्र सिंह पुत्र उग्रसेन सिंह उर्फ मुन्ना सिंह निवासी ग्राम डुमरी, थाना गगहा और युवराज सिंह उर्फ राज पुत्र राकेश सिंह निवासी गगहा के रूप में हुई है। सन्नी सिंह उर्फ मृगेन्द्र सिंह और युवराज सिंह एक-एक लाख रुपए के इनामी बदमाश हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई थी। अभियुक्तगण सन्नी व राज से बारी-बारी पूछताछ की गयी तो अभियुक्त सन्नी ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2013 में रस्सी की खरिदारी के पैसे को लेकर दुर्वासा गुप्ता से विवाद हो गया था। उक्त विवाद के कारण ही मैनें अपने भाई टीका सिंह, सिंहासन यादव, अजय नारायाण सिंह के साथ मिलकर दुर्वासा गुप्ता, दुर्वासा गुप्ता की पत्नी और दुर्वासा गुप्ता के पुत्र बाबूलाल की हत्या कर दी। बाकी अन्य तीन लोग घायल हो गए थे। वर्ष 2020 में उक्त मुकदमें में जमानत पर रिहा होकर बाहर आया कि वादी बांके लाल गुप्ता से सुलह कराने के लिए मैं दबाव बना रहा था। जिसमे गगहा के ही निवासी रितेश मौर्या व शम्भू मौर्या द्वारा विरोध किया जा रहा था तथा उक्त हत्या के मुकदमे में रितेश मौर्या व शम्भू मौर्या द्वारा लगातार पैरवी की जा रही थी। जिस कारण मैने इन दोनो की भी हत्या करने का मन बना लिया। दुर्वासा गुप्ता हत्याकांड में अभियुक्त नेवादा गगहा निवासी राम सिंहासन यादव पुत्र रामनाथ यादव ने कहा कि अगर ये दोनो नहीं मारे जायेगें तो मुकदमें में सुलह नहीं हो पायेगा। इसलिये इन दोनों को मारना जरूरी है। मेरे पास एक 32 बोर की पिस्टल एवं छः कारतूस थे। सिंहासन यादव ने मुझे एक 32 बोर की पिस्टल व आठ कारतूस भी दिया। सिंहासन यादव ने बताया कि उसकी अच्छी जान पहचान पूर्व ब्लाक प्रमुख बडहलगंज विजय यादव व गोरखपुर ग्रामीण के पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव से है। सिंहासन यादव ने यह भी बताया था कि ये दोनों लोग पैरवी करेगे और हर जगह साथ खडे़ रहेंगें। कई दिन रितेश मौर्या की रैकी करने के बाद मुझे जानकारी हुआ कि रात में 8-9 बजे के बीच रितेश मौर्या गगहा चौराहे पर बैठका था। दिनांक पिछले 10 मार्च को गगहा चौराहे पर ही जब रितेश मौर्या मौजूद था उसी समय बाइक से हम और युवराज पहुचे। बाइक युवराज चला रहा था। मेरे पास 32 बोर की दो पिस्टल और चार मैगजीन व 14 कारतूस थे। मैने रितेश मौर्या की गोली मारकर हत्या कर दिया था। एसएसपी ने बताया कि सन्नी सिंह के ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट जैसे गगहा थाने में कुल एक दर्जन मामले दर्ज हैं। जबकि युवराज सिंह के खिलाफ भी गगहा में आधा दर्जन संगीन मामले दर्ज हैं।

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