हौसले की उड़ान ने जीत ली कोरोना से जंग, ऐसा करके आप भी दे सकते कोरोना को मात – समाचार पत्रिका

समाचार पत्रिका

Latest Online Breaking News

हौसले की उड़ान ने जीत ली कोरोना से जंग, ऐसा करके आप भी दे सकते कोरोना को मात

😊 Please Share This News 😊

 

Rep. Ratn Prakash Tripathi

समाचार पत्रिका, आजमगढ़

जहां पूरे देश में कोरोना का खौफ फैला हुआ है। वही 65 वर्षीय बुजुर्ग लोगों के लिए मिसाल बने हुए है। आजमगढ़ जिले में एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने कोरोना से जंग जीतकर यह साबित कर दिया है की इच्छा शक्ति के आगे कोई भी बीमारी नहीं टिक सकती बस शर्त यही है कि व्यक्ति हिम्मत ना हारे। जब रमेश चंद्र पांडेय कोविड अस्पताल में भर्ती हुए तब इनका ऑक्सीजन लेवल कम हो गया था और इनका वजन 125 से 150 किलो था। आजमगढ़ जिले के शहर के आरटीओ ऑफिस के रहने वाले 65 वर्षीय रमेश चंद्र पांडेय की अचानक तबियत बिगड़ी उन्हें सिधारी क्षेत्र के नरौली स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जब उन्हें भर्ती कराया गया तो उनका ऑक्सिजन लेबल उस समय 65 से 70 प्रतिशत हो गया था। अच्छी बात यह है कि 10 दिन के चले उपचार के बाद वह पूरी तरह से स्वस्थ हो गये साथ ही कोरोना से जंग जीतकर उन्होंने एक मिसाल भी कायम किया है। इस दौरान कुछ समाजसेवी लोगों ने भी पिंकी काफी मदद की और हौसला आफजाई करते रहें। जिसके बाद रमेश चंद्र पांडेय पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर चले गये।

कोरोना को लेकर क्या बोले डॉक्टर अमित सिंह…..

एक निजी हॉस्पिटल के चिकित्सक अमित सिंह ने बताया कि रमेश जब हॉस्पिटल में आए तो उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम था। उनका वजन भी बहुत ज्यादा था। डॉक्टर का कहना  कि इन्होंने एक मिसाल दी है कि अगर मरीज दवाओं के साथ अच्छे से व्यायाम करता रहे तो कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी उम्र कितनी है,आपका वजन कितना है, डॉक्टर अमित सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर मरीज सही तरीके से नियमों का पालन करें तो वह इस कोरोना को हराकर अपने परिवार में वापस जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय भय की स्थिति बनी हुई है। लेकिन मानव इच्छा शक्ति के आगे कोई चीज न टिकी है न टिकेगी, बस हिम्मत नहीं हारना है।

कोरोना से जंग जीत चुके रमेश चंद्र पांडेय ने बताई ये बात…..

कोरोना से जंग जीत चुके रमेश चंद्र पांडेय का कहना है कि वह दवा के साथ-साथ नियमित रूप से व्यायाम भी करते थे। जिससे उन्हें करो ना को हराने में काफी मदद मिली जिससे वह कोरोना से जंग जीत गये इसके लिए उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों के साथ ही सामाजिक संगठनों का भी धन्यवाद किया जो उनके साथ खड़े रहे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

error: Content is protected !!